मोहाली के सेक्टर-89 स्थित प्राचीन एवं श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर में आज एक भव्य और दिव्य भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधकों और क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह भक्ति, साधना और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिससे उपस्थित सभी लोगों के मन में शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई।
इस पावन अवसर पर श्रीश्री 108 तपोनिष्ठ अग्निहोत्री संपूर्णानंद ब्रह्मचारी महाराज जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं एवं आयोजकों की ओर से महाराज जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित की गईं तथा उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर आध्यात्मिक मार्गदर्शन की कामना की गई। महाराज जी का जीवन तप, साधना और सेवा का प्रतीक माना जाता है, जिससे समाज को नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना की दिशा मिलती है।
भजन संध्या के दौरान प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया गया। “ॐ नमः शिवाय” और अन्य शिव भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों में लीन होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए। दीपों की जगमगाहट, शंखनाद और मंत्रोच्चार ने वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने ध्यान और साधना के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है। आज के भागदौड़ भरे जीवन में भजन, कीर्तन और सत्संग मानव मन को तनाव से मुक्त कर सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। आध्यात्मिक कार्यक्रम न केवल व्यक्तिगत जीवन को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति के सदस्यों ने सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ा जा सके।
कुल मिलाकर, श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित यह भजन संध्या न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि यह समाज के लिए आध्यात्मिक चेतना, शांति और सकारात्मक प्रेरणा का सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।


