पंजाब में सरकारी शिक्षा व्यवस्था में हो रहे व्यापक सुधारों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ पहल के तहत सरकारी स्कूलों में 20,000 सीटों पर दाखिले के लिए 2 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की यह रिकॉर्ड संख्या इस बात का प्रमाण है कि अभिभावकों और छात्रों का भरोसा तेजी से सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह दाखिला प्रक्रिया राज्य के चयनित सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। बढ़ते आवेदनों से स्पष्ट है कि बीते कुछ वर्षों में स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षण पद्धति, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षकों की गुणवत्ता में किए गए सुधारों ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं।
सरकार ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी निर्धारित की गई है, जबकि प्रवेश परीक्षा 1 मार्च को आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्रों का चयन पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, ताकि योग्य विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई शिक्षा सुधार नीति के अंतर्गत स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मॉडलों को अपनाने से पढ़ाई की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकारी स्कूलों को केवल विकल्प नहीं, बल्कि पहली पसंद बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “आज अभिभावक यह महसूस कर रहे हैं कि सरकारी स्कूलों में भी उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य के अवसर मिल सकते हैं। यही कारण है कि आवेदनों की संख्या ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।”
अभिभावकों का भी कहना है कि निजी स्कूलों की बढ़ती फीस के बीच सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण और किफायती शिक्षा मिलना एक बड़ी राहत है। कई माता-पिता ने बताया कि स्कूलों में अनुशासन, शिक्षकों की उपलब्धता और आधुनिक शिक्षण संसाधनों ने उनका भरोसा मजबूत किया है।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना राज्य की शिक्षा नीति की सफलता का संकेत है। उनका मानना है कि इससे न केवल सरकारी स्कूलों की छवि बदलेगी, बल्कि शिक्षा में समानता और सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिलने से प्रतिभाओं का बेहतर विकास हो सकेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रहेगी। अभ्यर्थियों को समय पर सूचना देने के लिए हेल्पडेस्क और ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी को भी आवेदन या परीक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई न हो।
कुल मिलाकर, 20,000 सीटों के लिए 2 लाख से अधिक आवेदन यह दर्शाते हैं कि पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ सही दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में यह पहल राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने और भावी पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।


