महेंद्रगढ़ जिले के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अटेली और नारनौल के बीच स्थित मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी पर नए हैंगर एवं एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस फैसले को जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने इस परियोजना को महेंद्रगढ़ जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस प्रकार की आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी पर नए हैंगर और एटीसी भवन के निर्माण से न केवल विमानन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित हैंगर का निर्माण आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम श्रेणी के विमानों की सुरक्षित पार्किंग, रखरखाव और संचालन संभव हो सकेगा। वहीं, एयर ट्रैफिक कंट्रोल भवन के निर्माण से हवाई यातायात के संचालन में बेहतर नियंत्रण, सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे भविष्य में हवाई पट्टी के विस्तार और अधिक सक्रिय उपयोग का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी का सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से भी विशेष महत्व है। अटेली और नारनौल जैसे प्रमुख कस्बों के बीच स्थित होने के कारण यह हवाई पट्टी क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से आपातकालीन सेवाओं, वीआईपी मूवमेंट, प्रशिक्षण उड़ानों और भविष्य में संभावित क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस हवाई पट्टी के विकास की मांग की जा रही थी, जो अब साकार होती नजर आ रही है। परियोजना के क्रियान्वयन से निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की भी संभावना है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य है कि हरियाणा के सभी जिलों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए और बुनियादी ढांचे को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप सुदृढ़ किया जाए। मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी पर नए हैंगर और एटीसी भवन का निर्माण इसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल महेंद्रगढ़ जिले की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, बल्कि भविष्य में इसे क्षेत्रीय विमानन मानचित्र पर भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।


