पिहोवा (कुरुक्षेत्र)। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पिहोवा, कुरुक्षेत्र में आयोजित “सरस्वती महोत्सव 2026” का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सरस्वती नदी के पुनरुद्धार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ₹63 करोड़ 86 लाख की लागत वाली 26 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक कदम को प्रदेश की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं में ₹27 करोड़ 59 लाख की लागत से 16 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि ₹36 करोड़ 27 लाख की लागत से 10 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। ये सभी योजनाएं सरस्वती नदी के पुनरुद्धार, जल संरक्षण, तीर्थ स्थलों के विकास और क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़ी हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती नदी केवल एक पौराणिक धारा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की जीवनरेखा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सरस्वती नदी को पुनः प्रवाहित करने और उससे जुड़े तीर्थ स्थलों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सरस्वती महोत्सव जैसे आयोजन जन-जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरस्वती तीर्थ के विकास के लिए तैयार मास्टर प्लान का भी शिलान्यास किया। इस मास्टर प्लान के तहत सरस्वती नदी से जुड़े प्रमुख स्थलों को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के पुनरुद्धार से न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को पुनः स्थापित किया जाएगा, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। सरकार इस परियोजना को वैज्ञानिक शोध, आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रही है।
समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूरे आयोजन में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की आराधना करते हुए सभी ने ज्ञान, विवेक और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरस्वती महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरस्वती नदी के पुनरुद्धार से हरियाणा की पहचान और अधिक सशक्त होगी और यह परियोजनाएं प्रदेश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सरस्वती महोत्सव 2026 का यह समापन समारोह हरियाणा की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और विकास के संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।


