आज कुरुक्षेत्र में आयोजित दीनबंधु सर छोटू राम जयंती समारोह में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसान और मजदूरों के मसीहा दीनबंधु चौधरी छोटू राम जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके विचारों और नीतियों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दीनबंधु सर छोटू राम जी ने अपना संपूर्ण जीवन किसान, मजदूर और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनकी नीतियों और दूरदर्शी सोच ने उस दौर में किसान और मजदूर की तकदीर बदलने का कार्य किया, जब समाज आर्थिक और सामाजिक शोषण से जूझ रहा था। उन्होंने साहूकारी प्रथा और अन्यायपूर्ण व्यवस्थाओं के विरुद्ध सशक्त आवाज उठाई और ऐसे कानून बनवाए, जिनसे आमजन को राहत मिली।
वक्ताओं ने कहा कि सर छोटू राम केवल एक महान व्यक्तित्व ही नहीं थे, बल्कि वे अपने आप में एक संकल्प, एक उदाहरण और एक आंदोलन थे। उनका जीवन यह दर्शाता है कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुंचाने के लिए निरंतर संघर्ष करे। उन्होंने वर्ग, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर सर्वसमाज के कल्याण के लिए कार्य किया, जिससे वे आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
समारोह में यह भी कहा गया कि वर्तमान सरकार दीनबंधु सर छोटू राम जी के आदर्शों और नीतियों से प्रेरणा लेते हुए किसान हित में लगातार कार्य कर रही है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और मजदूरों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसान और मजदूर आत्मनिर्भर बनें और उन्हें सम्मानजनक जीवन स्तर प्राप्त हो।
वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की एकजुटता और युवाओं की ऊर्जा से हरियाणा विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज सहित सभी समाजों की एकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। युवा पीढ़ी को सर छोटू राम के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में आगे आना चाहिए।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने सर छोटू राम के जीवन, संघर्ष और योगदान पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने और किसान-मजदूर हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
दीनबंधु सर छोटू राम जी की जयंती का यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर था, बल्कि सामाजिक न्याय, एकता और समावेशी विकास के संकल्प को दोहराने का भी एक महत्वपूर्ण मंच बना।


