महान समाज सुधारक, किसान नेता और दूरदर्शी चिंतक सर चौधरी छोटूराम के विचार और योगदान आज भी सामाजिक न्याय और समानता के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने सर छोटूराम के जीवन और संघर्षों को स्मरण करते हुए कहा कि “सर चौ. छोटूराम ने अपनी कलम की ताकत से कर्ज में डूबे समाजों को आज़ाद करवाया। उन्होंने गरीब, मजदूर और कमेरे वर्ग की जिंदगी में खुशहाली लाने के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया।”
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर छोटूराम केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि समाज के शोषित, पीड़ित और वंचित वर्गों के सच्चे मसीहा थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान भी किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावशाली कानून बनवाए। उनकी नीतियों का उद्देश्य समाज में व्याप्त आर्थिक शोषण को समाप्त करना और आमजन को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार दिलाना था।
महिपाल ढांडा ने अपने संबोधन में कहा कि उस दौर में साहूकारों द्वारा किसानों और मजदूरों का अत्यधिक शोषण किया जाता था। सर छोटूराम ने अपनी दूरदर्शिता और सशक्त लेखनी के माध्यम से ऐसे कानूनों की नींव रखी, जिनसे कर्ज के बोझ तले दबे लोगों को राहत मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर छोटूराम की लड़ाई किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के कल्याण के लिए थी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर छोटूराम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक समानता और आर्थिक स्वतंत्रता को समाज की मजबूती का आधार माना। उनका मानना था कि जब तक किसान, मजदूर और कमेरे वर्ग सशक्त नहीं होंगे, तब तक राष्ट्र की प्रगति अधूरी रहेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सर छोटूराम की विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। वर्तमान समय में भी किसानों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए उनके सिद्धांत मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार सर छोटूराम के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सर छोटूराम के संघर्ष, साहस और समाज के प्रति समर्पण से प्रेरणा लें। उनका जीवन यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व वही होता है जो समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों के लिए आवाज उठाए। कार्यक्रम के अंत में सर छोटूराम को पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
सर चौधरी छोटूराम का जीवन और कार्य आज भी सामाजिक न्याय, समरसता और जनकल्याण के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।


