हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों और उद्योग जगत के हित में दो बड़ी और दूरदर्शी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही एक स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन और एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना की जाएगी, जहां किसानों और उद्योगपतियों को आधुनिक सुविधाएं, तकनीकी सहयोग और विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की कृषि और औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन के माध्यम से खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसमें ड्रोन टेक्नोलॉजी, सटीक सिंचाई प्रणाली, डिजिटल मृदा परीक्षण, उन्नत बीज, स्मार्ट वेयरहाउसिंग और कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादक ही नहीं, बल्कि उद्यमी बनाना है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन में किसानों को कृषि स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों और निजी कंपनियों से जोड़ा जाएगा, ताकि नवीन तकनीकों और नवाचारों का सीधा लाभ खेतों तक पहुंचे। साथ ही, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दूसरी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन भी विकसित किया जाएगा, जहां उद्योगपतियों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, आधुनिक लॉजिस्टिक्स, डिजिटल कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जोन निवेशकों को आकर्षित करेगा और राज्य में औद्योगिक विकास को गति देगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्रीन एनर्जी, अपशिष्ट प्रबंधन और टिकाऊ औद्योगिक मॉडल को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार से प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट एग्रीकल्चर और स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन एक-दूसरे के पूरक होंगे। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर किसानों और उद्योगपतियों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित की जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनेगा और प्रदेश समग्र विकास की ओर आगे बढ़ेगा।
अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। ये दोनों योजनाएं “विकसित हरियाणा” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी और आने वाले समय में प्रदेश को विकास के नए शिखर तक ले जाएंगी।


