पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय योगदान और राष्ट्रभक्ति को स्मरण किया गया। मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नेताजी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संदेश में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे नायक थे, जिनका साहस, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि नेताजी का जीवन युवाओं को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, आत्मसम्मान के साथ जीने और देशहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” जैसे उनके ओजस्वी शब्द आज भी देशवासियों के हृदय में जोश और संकल्प का संचार करते हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी की लड़ाई को नई दिशा देने का कार्य किया। आज़ाद हिंद फौज के गठन के माध्यम से उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को सशक्त रूप प्रदान किया और भारत की स्वतंत्रता को एक निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व, संगठन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई।
पंजाब सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने कहा कि नेताजी केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता थे। वे सामाजिक न्याय, समानता और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर थे। उनका सपना एक ऐसे भारत का था, जहां हर नागरिक को सम्मान, अवसर और अधिकार मिले। उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जब देश को एकजुटता, अनुशासन और राष्ट्रहित की भावना की आवश्यकता है।
इस अवसर पर शैक्षणिक संस्थानों में विशेष सभाएं, भाषण प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं को नेताजी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों से परिचित कराना रहा। विद्यार्थियों ने उनके व्यक्तित्व और योगदान पर विचार व्यक्त किए तथा राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए राज्य में समानता, न्याय और विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे नेताजी के साहस, अनुशासन और देशभक्ति से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उनका स्मरण यह संदेश देता है कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक निरंतर दायित्व है। उनके विचार और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, आत्मबल और अखंड भारत के निर्माण की प्रेरणा देते रहेंगे।


