भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद फिनिशरों में से एक बनते जा रहे हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में रिंकू ने छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी खेलते हुए एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
मैच में जब भारत बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा था, तब रिंकू सिंह ने 20 गेंदों में नाबाद 44 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी इस पारी ने टीम इंडिया को 20 ओवर में 7 विकेट पर 238 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। रिंकू की बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला, जिसने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।
20वें ओवर में दिखाया दम
रिंकू सिंह का असली जलवा मैच के 20वें ओवर में देखने को मिला। उन्होंने इस ओवर में दो चौके और दो छक्के लगाते हुए कुल 21 रन बटोरे। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही रिंकू ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। अब रिंकू सिंह इस सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
दिग्गजों की सूची में शामिल
एमएस धोनी ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 20वें ओवर में कुल 12 छक्के लगाए थे। इस सूची में कप्तान सूर्यकुमार यादव के नाम 11 छक्के दर्ज हैं, जबकि हार्दिक पांड्या 15 छक्कों के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। रिंकू का इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना उनके बढ़ते कद और भरोसेमंद फिनिशर की भूमिका को दर्शाता है।
पारी के पीछे की सोच
अपनी पारी के बाद रिंकू सिंह ने कहा कि वह मैदान पर एक स्पष्ट योजना के साथ उतरे थे। उन्होंने बताया कि टीम में लगातार बदलाव के कारण उन पर दबाव था, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। रिंकू के अनुसार, लक्ष्य यही था कि सिंगल लेकर स्ट्राइक बनाए रखें और सही समय पर बड़े शॉट खेले जाएं। अंत तक टिके रहकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाना उनकी प्राथमिकता थी।
साझेदारी बनी जीत की कुंजी
रिंकू ने अर्शदीप सिंह के साथ हुई अहम साझेदारी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों ने तय किया था कि केवल अपनी रेंज की गेंदों पर ही आक्रामक शॉट लगाएंगे। शांत रहकर स्ट्राइक रोटेट करने की रणनीति ने टीम को बड़ा स्कोर दिलाने में मदद की।
रिंकू सिंह का यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट में फिनिशर की भूमिका को नई मजबूती देता है। उनके आत्मविश्वास, रणनीति और आक्रामक अंदाज ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में वह टीम इंडिया के लिए मैच जिताऊ खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।


