पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अंतर्गत कार्यरत कानूनी माप विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग ने अप्रैल से दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कंपाउंडिंग शुल्क संग्रह, निरीक्षण, सत्यापन और चालानों की संख्या जैसे प्रमुख मापदंडों पर सकारात्मक वृद्धि हासिल की है। यह प्रगति विभाग की सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों के सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
कंपाउंडिंग शुल्क के संदर्भ में कानूनी माप विज्ञान विंग ने वर्ष 2025–26 में अब तक 1.40 करोड़ रुपये का संग्रह किया है, जबकि 2024–25 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 1 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक था। राजस्व में यह वृद्धि विभाग की सक्रिय प्रवर्तन कार्रवाई और नियमों के सख्त अनुपालन को दर्शाती है। इससे न केवल सरकारी राजस्व में इजाफा हुआ है, बल्कि बाजार में निष्पक्ष व्यापार को भी बढ़ावा मिला है।
निरीक्षणों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025–26 की अवधि में विभाग द्वारा कुल 22,133 निरीक्षण किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 18,419 थी। निरीक्षणों में यह वृद्धि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के प्रति विभाग की गंभीरता को रेखांकित करती है। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई के तहत चालानों की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2025–26 में कुल 2,230 चालान जारी किए गए, जबकि 2024–25 में यह संख्या 1,397 थी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारुचक ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इसी उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करते रहें, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्री ने कहा कि विभाग की बढ़ती उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि सही दिशा और प्रतिबद्धता के साथ काम करने पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।
गौरतलब है कि कानूनी माप विज्ञान विभाग के पास अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में विभाग के स्वामित्व वाली मानक प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जहां माप और तौल उपकरणों का सत्यापन किया जाता है। इसके अतिरिक्त सरहिंद और खन्ना में नई मानक प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की योजना भी है, जिससे विभाग की कार्यक्षमता और पहुंच में और विस्तार होगा।
कानूनी माप विज्ञान विभाग का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। विभाग यह सुनिश्चित करता है कि बाजार में बेची और खरीदी जाने वाली वस्तुएं निर्धारित मात्रा, वजन और आयतन के अनुरूप हों, ताकि उपभोक्ताओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। विभाग की बढ़ती सक्रियता से न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि व्यापार में पारदर्शिता और ईमानदारी को भी बढ़ावा मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग द्वारा की गई यह प्रगति भविष्य में उपभोक्ता संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाएगी और पंजाब में न्यायसंगत व्यापार व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।


