हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने आज मानेसर में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों और उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के माध्यम से हरियाणा तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और सरकार इस बदलाव में स्टार्टअप्स को अपना महत्वपूर्ण साझेदार मानती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि 16 जनवरी को पूरे देश में ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ मनाया गया था और मानेसर में आयोजित यह बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम उसी उत्सव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप्स की आवाज को सीधे नीति निर्माण और बजट प्रक्रिया से जोड़ना है, ताकि उनके अनुभव और सुझावों के आधार पर एक संतुलित, समावेशी और भविष्य उन्मुख बजट तैयार किया जा सके।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि “स्टार्टअप इंडिया” केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक ‘रेनबो विजन’ है, जो अलग-अलग सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है। यह विजन युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित करता है और उन्हें अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स आज केवल रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं, जो देश और प्रदेश दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप को एक विचार की संज्ञा देते हुए कहा कि यह एक छोटा बीज होता है, जिसे सही सहयोग, मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर एक विशाल वृक्ष बनाया जा सकता है। सरकार का प्रयास है कि इस बीज को पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिले। इसके लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल बनाने, फंडिंग तक पहुंच सुनिश्चित करने, तकनीकी सहयोग और मेंटरशिप उपलब्ध कराने जैसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
बजट-पूर्व परामर्श के दौरान स्टार्टअप संस्थापकों और उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें सिंगल विंडो क्लीयरेंस को और प्रभावी बनाने, स्टार्टअप्स के लिए विशेष वित्तीय सहायता, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने और रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से नोट करते हुए आश्वासन दिया कि व्यवहारिक प्रस्तावों को आगामी बजट में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य विकसित हरियाणा–2047 के विजन को साकार करना है, जिसमें स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और स्टार्टअप्स की साझेदारी से प्रदेश में आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप समुदाय को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। मानेसर में आयोजित यह बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम हरियाणा को स्टार्टअप और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


