आदिबद्री स्थित मां सरस्वती उद्गम स्थल पर आज हवन-यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चारण के पावन वातावरण में अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2026 का पूरी श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस समारोह ने भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सरस्वती नदी के ऐतिहासिक-आध्यात्मिक महत्व को एक बार फिर सजीव कर दिया।
इस अवसर पर हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और विधिवत हवन-यज्ञ में आहुति देकर महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने मां सरस्वती से प्रदेश और देश की समृद्धि, शांति व कल्याण की कामना की। हवन-यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मां सरस्वती भारतीय सभ्यता की जीवनरेखा रही हैं और आदिबद्री जैसे पावन स्थल का ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व देश-विदेश में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सरस्वती नदी की विरासत, उसके संरक्षण और उससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जन-जन तक पहुंचाना है। इस महोत्सव के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार सरस्वती नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण और इसके धार्मिक-पर्यटन विकास को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। आदिबद्री को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों की झलक भी देखने को मिली। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा किए गए मंत्रोच्चारण और हवन-यज्ञ ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, विद्वान और स्थानीय नागरिक इस पावन अवसर के साक्षी बने।
अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2026 के अंतर्गत आगामी दिनों में संगोष्ठियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी, शोध-संवाद और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरस्वती सभ्यता, नदी के ऐतिहासिक प्रवाह और भारतीय संस्कृति में इसके योगदान पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी मजबूत करते हैं। आदिबद्री में अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2026 का यह शुभारंभ हरियाणा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।


