साहस, सेवा, समर्पण और विश्वास का पर्याय माने जाने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर वीर जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं और सम्मान अर्पित किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने NDRF के अदम्य साहस और मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की स्थापना 19 जनवरी 2005 को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के दौरान त्वरित, प्रभावी और पेशेवर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। बीते 21 वर्षों में NDRF ने भूकंप, बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन, अग्निकांड, औद्योगिक दुर्घटनाओं और महामारी जैसी गंभीर परिस्थितियों में अपनी कुशलता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है।
स्थापना दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि NDRF केवल एक बल नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का जीवंत उदाहरण है। अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले NDRF के जवान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। चाहे पहाड़ों में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालना हो, बाढ़ में डूबे गांवों से लोगों को बचाना हो या भूकंप के बाद मलबे में दबे लोगों की तलाश—हर मोर्चे पर NDRF ने अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया है।
NDRF की विशेषता उसका उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का उपयोग है। बल के जवानों को आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव, चिकित्सा सहायता, संचार और समन्वय जैसे क्षेत्रों में निरंतर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों (SDRF) और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य और बढ़ती आपदाओं के दौर में NDRF की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे समय में इस बल का सतत सशक्तिकरण, संसाधनों का विस्तार और तकनीकी उन्नयन राष्ट्र की प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, आम नागरिकों को भी आपदा के समय सतर्कता और सहयोग की भावना अपनाने की आवश्यकता है।
स्थापना दिवस के अवसर पर यह संकल्प भी लिया गया कि NDRF के जवानों के साहस, सेवा और समर्पण के मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। देश ने जिन अनगिनत जिंदगियों को बचाया है, उनके पीछे NDRF के जवानों का अथक परिश्रम और निस्वार्थ सेवा छिपी है।
अंत में, NDRF के 21वें स्थापना दिवस पर सभी वीर जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों ने उनके जज़्बे, त्याग और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट विश्वास को नमन किया। राष्ट्र की सेवा में उनका संकल्प सदैव अनुकरणीय रहेगा।


