हरियाणा सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी एक अहम घोषणा करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। विभागीय घोषणाओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष का सेवाकाल पूरा करने वाली और सुपरवाईजर पद की पात्रता रखने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब सुपरवाईजर के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान बताया कि अब सुपरवाईजर के कुल पदों में से 50 प्रतिशत पद अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्त किए जाएंगे। इससे एक ओर जहां अनुभवी कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नए और योग्य युवाओं को भी सेवा में शामिल होने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिला एवं बाल विकास योजनाओं की रीढ़ हैं। वे जमीनी स्तर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल का कार्य करती हैं। उनके अनुभव और समर्पण को देखते हुए सरकार का यह निर्णय न केवल उनके मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली को भी और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि पोषण स्तर में सुधार प्रदेश के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि वहां आने वाले बच्चों और महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे महिला हॉस्टलों और सखी सेंटर योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कामकाजी महिला हॉस्टल समय पर तैयार हों और सखी सेंटरों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखी जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने विश्वास जताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति का यह निर्णय महिला एवं बाल विकास विभाग को और अधिक मजबूत करेगा तथा प्रदेश में सामाजिक कल्याण के प्रयासों को नई दिशा देगा।


