हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि संत महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं और उनसे प्रेरणा लेकर हरियाणा सरकार सामाजिक समरसता, सद्भाव और समानता को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में हरियाणा सरकार संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर 31 जनवरी को कुरुक्षेत्र जिले के उमरी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन करेगी।
इस राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार करेंगे। समारोह में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से संत समाज, धर्मगुरु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु रविदास जी के विचारों, उनके सामाजिक संदेश और समानता आधारित समाज की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से जाति-भेद, छुआछूत और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध आवाज उठाई। उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। उन्होंने प्रेम, करुणा, समानता और मानवता का संदेश दिया, जो समाज में सौहार्द और एकता को मजबूत करता है। सरकार का प्रयास है कि इन महान संतों की शिक्षाएं नई पीढ़ी तक पहुंचें और सामाजिक चेतना को और अधिक सशक्त करें।
राज्य स्तरीय समारोह के दौरान भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से गुरु रविदास जी के जीवन दर्शन और उनके सामाजिक योगदान को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी सम्मान के संदेश को भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
हरियाणा सरकार संत महापुरुषों की जयंती को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता और प्रेरणा का माध्यम बनाती है। विभिन्न संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं को जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक अभियानों से जोड़कर सरकार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रही है।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि उमरी, कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाला यह राज्य स्तरीय समारोह भव्य और सुव्यवस्थित होगा। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस राज्य स्तरीय समारोह में भाग लेकर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लें और सामाजिक एकता, समानता और भाईचारे को मजबूत करने में अपना योगदान दें। यह समारोह न केवल श्रद्धा का प्रतीक होगा, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी देगा।


