हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य का आगामी बजट 2026–27 प्रदेश की 2.80 करोड़ जनता की आकांक्षाओं, जरूरतों और विकासात्मक प्राथमिकताओं का सशक्त प्रतिबिंब होगा। बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम के तहत पंचायतों और नगर निकायों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गांव और शहर के संतुलित विकास से ही हरियाणा प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और विकास की गति तभी तेज होती है, जब नीति निर्माण में जमीनी स्तर के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। पंचायत प्रतिनिधि और नगर निकायों के निर्वाचित सदस्य जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं को सबसे नजदीक से समझते हैं, इसलिए उनके सुझाव आगामी बजट को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और जनहितैषी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आंकड़ों का बजट तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा बजट प्रस्तुत करना है जो हर वर्ग—किसान, मजदूर, युवा, महिला, व्यापारी और उद्यमी—की उम्मीदों पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाकर विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और शहरों में आधुनिक अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण, दोनों समान रूप से जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि बजट-पूर्व परामर्श के दौरान पंचायतों और नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, रोजगार, आवास और डिजिटल सुविधाओं से जुड़े कई अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन सुझावों का गंभीरता से अध्ययन कर उन्हें बजट 2026–27 में यथासंभव शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “विकसित हरियाणा” का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के सिद्धांतों पर चलते हुए ऐसी नीतियां बना रही है, जिनसे प्रदेश का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सरकार और जनता के बीच सेतु बनकर विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों की सक्रिय भूमिका से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।
अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी वर्गों के सुझावों और अपेक्षाओं के आधार पर तैयार किया जाने वाला बजट 2026–27 हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।


