हरियाणा सरकार के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के चैप्टर XXIII में वर्णित प्ली बारगेनिंग के प्रावधानों का प्रभावी, पारदर्शी और सही ढंग से उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य आपराधिक मामलों के निपटारे में तेजी लाना, न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाना तथा राज्य की न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में प्ली बारगेनिंग को एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक न्यायिक प्रक्रिया के रूप में शामिल किया गया है, जिससे कम गंभीर अपराधों में लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से बचा जा सकता है। इसके माध्यम से आरोपी और पीड़ित दोनों के हितों का संतुलन बनाते हुए न्यायिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस और अभियोजन अधिकारी प्ली बारगेनिंग से संबंधित मामलों की पहचान सावधानीपूर्वक करें। ऐसे मामलों में जहां कानून इसकी अनुमति देता है, वहां इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए आरोपी को विधिसम्मत जानकारी दी जाए, ताकि वह बिना किसी दबाव के अपने अधिकारों का प्रयोग कर सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित पक्ष की सहमति और हितों की पूरी तरह से रक्षा हो।
डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि अभियोजन विभाग प्ली बारगेनिंग के मामलों में अदालत के समक्ष तथ्यात्मक और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करे। इससे न्यायालय को निष्पक्ष निर्णय लेने में सुविधा होगी और मामलों का शीघ्र निपटारा संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी स्थिति में न्याय से समझौता करना नहीं, बल्कि न्याय को सरल, सुलभ और समयबद्ध बनाना है।
निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिला स्तर पर पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के नए प्रावधानों के बारे में नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। इससे अधिकारियों की कानूनी समझ मजबूत होगी और प्ली बारगेनिंग जैसे प्रावधानों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, मामलों की नियमित समीक्षा कर यह देखा जाएगा कि निर्देशों का पालन प्रभावी ढंग से हो रहा है या नहीं।
गृह विभाग का मानना है कि प्ली बारगेनिंग के सफल क्रियान्वयन से न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होगा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा। साथ ही, इससे पुलिस और अभियोजन तंत्र की कार्यकुशलता में भी सुधार आएगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून के दायरे में रहते हुए न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और मानवीय बनाना उसकी प्राथमिकता है। प्ली बारगेनिंग के प्रावधानों के सही उपयोग से हरियाणा में न्याय व्यवस्था को नई गति और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


