संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर 31 जनवरी को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के उमरी गांव में भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा केंद्रीय मंत्री मनौहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। समारोह को लेकर प्रशासन और सामाजिक संगठनों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरु रविदास जी की जयंती पर आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रदेशभर के सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य संत गुरु रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से जाति-पाति, भेदभाव और ऊंच-नीच का विरोध किया तथा समानता, भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देते हैं। राज्य सरकार इस तरह के आयोजनों के माध्यम से संत महापुरुषों की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह के दौरान गुरु रविदास जी के जीवन दर्शन, उनके उपदेशों और सामाजिक सुधारों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से संत रविदास जी की शिक्षाओं को जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक समरसता और सद्भावना को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने की अपील की है।
राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे राज्य स्तरीय आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव को भी सुदृढ़ करते हैं। गुरु रविदास जी की जयंती पर आयोजित यह समारोह समाज को उनके आदर्शों पर चलने और एक समतामूलक, न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देगा।


