हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में गुरुग्राम में वित्त वर्ष 2026–27 के बजट को लेकर प्री-बजट बैठक की शुरुआत हुई। सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित इस बजट-पूर्व विचार-विमर्श में महिला उद्यमियों और शिक्षाविदों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश के लिए संतुलित, समावेशी और प्रभावी बजट तैयार करना है, जो विकास के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को समाहित कर सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनभागीदारी के माध्यम से बजट निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों और शिक्षाविदों के सुझाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जो रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और मानव संसाधन के विकास को प्राथमिकता दे।
प्री-बजट बैठक में उद्योग मंत्री Rao Narbir Singh, शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री Shruti Choudhry भी मौजूद रहीं। तीनों मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े मुद्दों, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं पर विचार साझा किए।
महिला उद्यमियों ने बैठक में उद्योग, स्टार्टअप, स्वरोजगार, एमएसएमई, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने महिलाओं के लिए आसान ऋण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं शिक्षाविदों ने शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास, उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए कहा कि हरियाणा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्री-बजट बैठकों के माध्यम से विभिन्न वर्गों से प्राप्त सुझावों को बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा, ताकि प्रदेश की विकास यात्रा को और गति मिल सके।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समावेशी विकास तभी संभव है, जब बजट में हर वर्ग की अपेक्षाओं और जरूरतों का ध्यान रखा जाए।
प्री-बजट विचार-विमर्श के इस सत्र को सकारात्मक और उपयोगी बताते हुए प्रतिभागियों ने सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह का संवाद न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करता है, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं और संभावनाओं को सामने लाने में भी सहायक होता है।
कुल मिलाकर, गुरुग्राम में आयोजित यह प्री-बजट बैठक वित्त वर्ष 2026–27 के लिए एक दूरदर्शी, जनोन्मुखी और विकासोन्मुख बजट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे हरियाणा के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


