हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के समराला क्षेत्र के चाहिलां गांव में स्थित पावन श्री मुक्तेश्वर महादेव शिव मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और हवन में आहुति डालकर प्रदेश व देश के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान शिव के चरणों में शीश नवाकर जनकल्याण और सामाजिक सौहार्द के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा की और हवन कुंड में आहुति अर्पित की। उन्होंने कहा कि शिव आराधना से आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कर्तव्यबोध की प्रेरणा मिलती है। भगवान शिव का जीवन हमें त्याग, तपस्या और लोककल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश देता है, जिसे आत्मसात करना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मुक्तेश्वर महादेव शिव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थलों पर आकर मन को शांति मिलती है और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध सदैव मजबूत रहे हैं और धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार के कार्यक्रम आपसी भाईचारे को और प्रगाढ़ बनाते हैं।
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली, किसानों की समृद्धि, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूल मंत्र पर चलते हुए जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।
मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद भी किया और समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराएं हमें जोड़ने का कार्य करती हैं और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ बनाती हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता और सेवा भाव से प्रेरित होकर ही सुशासन और जनकल्याण संभव है। शिव भक्ति का संदेश हमें अहंकार त्याग कर लोकहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान शिव की कृपा से प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि शिव कृपा से समाज में शांति, समृद्धि और सौहार्द बना रहेगा।


