हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) अवैध, अनधिकृत और बिना रिकॉर्ड के दवाओं के भंडारण व बिक्री के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में सिरसा जिले में अवैध दवाओं के भंडारण और बिक्री के खिलाफ की गई कार्रवाई में प्रशासन को बड़ी सफलता हाथ लगी है। FDA और पुलिस के संयुक्त अभियान में एक मेडिकल फर्म से 14 प्रकार की दवाओं को जब्त किया गया है, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकान परिसर को सील कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सिरसा जिला में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित मेडिकल फर्म के पास दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। न तो दवाओं का विधिवत रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया और न ही उनके क्रय-विक्रय से संबंधित वैध बिल और रजिस्टर पाए गए। इस पर FDA ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दवाओं को फॉर्म-16 के तहत जब्त कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई 14 प्रकार की दवाएं बिना वैध अनुमति और रिकॉर्ड के रखी गई थीं, जो सीधे तौर पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में मरीजों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ होने की आशंका बनी रहती है, क्योंकि अवैध या अनधिकृत दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता।
FDA अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अवैध दवाओं के कारोबार पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे सभी मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेता और फर्में जो नियमों की अनदेखी कर रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
संयुक्त अभियान में पुलिस विभाग की भूमिका की याद दिलाते हुए अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। पुलिस की सहायता से कार्रवाई को शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से अंजाम दिया गया, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हुई।
FDA ने आम जनता से भी अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें और बिल अवश्य लें। यदि कहीं अवैध दवाओं की बिक्री, बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। जनता की सतर्कता से ही इस तरह के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
अंत में अधिकारियों ने दोहराया कि हरियाणा FDA का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक दवाएं उपलब्ध कराना है। सिरसा में की गई यह कार्रवाई अवैध दवा कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे और जनस्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


