आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार–2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, नवाचार, समर्पण और निस्वार्थ सेवा भावना को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान किया जाता है।
यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 23 जनवरी, महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर घोषित किया जाता है। पुरस्कार का उद्देश्य नेताजी के साहस, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के प्रयासों से जोड़ना है। एनडीएमए का मानना है कि प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के समय समाज की सेवा में जुटे लोगों का सम्मान करना न केवल उनका मनोबल बढ़ाता है, बल्कि दूसरों को भी इस क्षेत्र में योगदान के लिए प्रेरित करता है।
सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थाओं—दोनों के लिए प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत उन लोगों और संगठनों को चुना जाता है, जिन्होंने आपदा की रोकथाम, तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, राहत, पुनर्वास, क्षमता निर्माण या आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय और प्रभावी कार्य किए हों। विशेष रूप से उन प्रयासों को महत्व दिया जाता है, जिनसे जन-धन की हानि को कम करने, समुदायों को सशक्त बनाने और आपदा के बाद तेजी से सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद मिली हो।
एनडीएमए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इच्छुक व्यक्ति एवं संगठन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर पुरस्कार से संबंधित पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और चयन से जुड़ी सभी विस्तृत जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। चयन प्रक्रिया पारदर्शी और बहु-स्तरीय होगी, ताकि वास्तव में उत्कृष्ट और प्रेरणादायक कार्यों को ही सम्मान मिल सके।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पहचान मिलती है, बल्कि उनके कार्यों को देशभर में एक सर्वोत्तम उदाहरण (बेस्ट प्रैक्टिस) के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता है। इससे आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार, सहयोग और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिलता है। एनडीएमए का यह भी मानना है कि ऐसे पुरस्कारों से सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय विकसित होता है।
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, जहां बाढ़, भूकंप, चक्रवात, सूखा और अन्य आपदाओं की चुनौतियां समय-समय पर सामने आती रहती हैं, वहां आपदा प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार उन नायकों को सामने लाता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी मानवता की सेवा में डटे रहते हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी योग्य व्यक्तियों, संस्थानों और संगठनों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन करें और अपने अनुभव व कार्यों के माध्यम से इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए भागीदारी सुनिश्चित करें। यह पुरस्कार न केवल सम्मान का प्रतीक है, बल्कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्टता और सेवा भाव को आगे बढ़ाने की एक प्रेरणादायी पहल भी है।


