भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का हांसी आगमन पर स्थानीय न्यायिक परिसर में गरिमामय अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर हांसी बार एसोसिएशन की ओर से एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी एवं प्रशासनिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और न्यायिक गरिमा से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य न्यायाधीश का स्वागत और अभिनंदन से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत के न्यायिक जीवन, संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और न्यायपालिका को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि जनता का देश की न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और यही विश्वास न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और सशक्त न्यायपालिका अत्यंत आवश्यक है। देश और राज्य में न्यायिक व्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है, ताकि आम नागरिक को समय पर और सुलभ न्याय मिल सके।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायालयों में बढ़ते मामलों और कार्यभार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दबाव को कम करने के लिए आवश्यक संसाधन, आधारभूत ढांचा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नए न्यायालय भवन, आधुनिक तकनीक, ई-कोर्ट प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक सुधार एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें सभी हितधारकों—न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और प्रशासन—की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे न्यायपालिका और समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए न्याय के मूल उद्देश्यों को प्राथमिकता दें। युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर अध्ययन ही सफल और सम्मानित न्यायिक जीवन की कुंजी है।
कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हांसी न्यायिक परिसर से जुड़ी आवश्यकताओं, अधिवक्ताओं की सुविधाओं और न्यायालयों के आधारभूत ढांचे से संबंधित कुछ सुझाव भी रखे। मुख्य न्यायाधीश ने इन सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि न्यायिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
हांसी में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणादायी रहा, बल्कि इससे न्यायपालिका और वकील समुदाय के बीच संवाद और सहयोग को भी नई मजबूती मिली। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का यह दौरा जिले के लिए सम्मान और गौरव का विषय बना, जिसने न्यायिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की।


