पंजाब के जीरकपुर में आज एक पारिवारिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला, जब वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता श्री रणजीत सिंह गिल के पौत्र के लोहड़ी समारोह का आयोजन पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर समारोह में विशेष रूप से शामिल होकर परिवार को स्नेहपूर्ण आशीर्वाद दिया गया और नवजीवन की शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।
लोहड़ी पंजाब का प्रमुख लोक पर्व है, जो नई शुरुआत, खुशहाली और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के अनुसार आयोजित इस समारोह में परिवारजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ढोल की थाप, पारंपरिक गीतों और लोक नृत्य के बीच पूरे वातावरण में उल्लास और आनंद का भाव देखने को मिला।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व परिवार और समाज को जोड़ने का कार्य करता है तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी बनता है। श्री रणजीत सिंह गिल के परिवार द्वारा इस अवसर को सादगी और गरिमा के साथ मनाया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।
पौत्र के लोहड़ी समारोह के दौरान आग के चारों ओर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अरदास की गई और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर बुजुर्गों का सम्मान और बच्चों की खुशी विशेष रूप से देखने लायक रही।
समारोह में शामिल होकर वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसे पारिवारिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने श्री रणजीत सिंह गिल को एक समर्पित और कर्मठ भाजपा कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि पार्टी के लिए उनका योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने पूरे परिवार को इस शुभ अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को जीवित रखना ही हमारी सामाजिक शक्ति है।
स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी समारोह में उपस्थित होकर परिवार को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक पंजाबी व्यंजन परोसे गए और सभी ने मिलकर पर्व की खुशियाँ साझा कीं। पूरे आयोजन में आपसी सौहार्द, अपनापन और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।
उल्लेखनीय है कि ऐसे सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। जीरकपुर में आयोजित यह लोहड़ी समारोह न केवल एक पारिवारिक उत्सव रहा, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने वाला अवसर भी सिद्ध हुआ।


