हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने गुरुग्राम में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक की अध्यक्षता करते हुए वर्ष 2026-27 के राज्य बजट की रूपरेखा को लेकर विभिन्न वर्गों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। इस बैठक का उद्देश्य आगामी बजट को अधिक समावेशी, जन-केंद्रित और विकासोन्मुखी बनाना रहा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
बैठक में उद्योग, व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्ट-अप, महिला सशक्तिकरण, युवा प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी हितधारकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यवहारिक और जनहित से जुड़े प्रस्तावों को बजट में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा, “हरियाणा का आगामी बजट हर नागरिक के लिए खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण का बजट होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि, युवाओं के लिए अवसर और महिलाओं के सशक्तिकरण को भी समान महत्व दिया जाएगा।
बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने निवेश को बढ़ावा देने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सरल बनाने तथा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत करने के सुझाव दिए। वहीं कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सिंचाई, फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को उठाया। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहरी और ग्रामीण विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ेगी। गांवों में बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ शहरों में अधोसंरचना, यातायात और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन के लिए नई योजनाओं को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट की तैयारियों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट में समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट पूर्व परामर्श सरकार और जनता के बीच सेतु का काम करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2026-27 का बजट हरियाणा को विकास, समृद्धि और सामाजिक संतुलन की नई दिशा देगा तथा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा।


