देश की सुरक्षा में सेवा देने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है। जुलाई 2026 में अग्निपथ योजना के पहले बैच की सेवा अवधि पूरी होने के बाद, हरियाणा सरकार अगस्त 2026 से अपनी नई ‘अग्निवीर नीति’ लागू करने जा रही है। इस नीति के तहत अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कदम के साथ हरियाणा अग्निवीरों को सेवा उपरांत रोजगार का ठोस सुरक्षा कवच प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
यह जानकारी हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री Rao Narbir Singh ने साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को सम्मान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “सेना में सेवा उपरांत अग्निवीरों को रोजगार का सुरक्षा कवच देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश की सेवा कर लौटे युवाओं को भविष्य को लेकर किसी प्रकार की असुरक्षा न हो।”
मंत्री ने बताया कि अग्निवीर नीति के तहत राज्य सरकार विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं में अग्निवीरों को प्राथमिकता देगी। इसके अलावा, पुलिस, होमगार्ड, वन विभाग, जेल विभाग और अन्य सुरक्षा व सेवा क्षेत्रों में उनके अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ उठाया जाएगा। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी उद्योगों और कॉर्पोरेट संस्थानों के साथ समन्वय किया जाएगा, ताकि अग्निवीरों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
नई नीति के अंतर्गत कौशल विकास और पुनः प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सेवा अवधि के दौरान अर्जित अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी कौशल को नागरिक जीवन में उपयोगी बनाने के लिए विशेष स्किल अपग्रेडेशन और ब्रिज कोर्स चलाए जाएंगे। इससे अग्निवीर न केवल सरकारी सेवाओं में, बल्कि निजी उद्योगों और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकेंगे।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा हमेशा से देश की सेना को सबसे अधिक जवान देने वाले राज्यों में अग्रणी रहा है। ऐसे में यह राज्य का नैतिक दायित्व है कि वह सेना से लौटने वाले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नीति केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अग्निवीरों को समाज की मुख्यधारा में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकार की इस घोषणा का युवाओं और पूर्व सैनिक समुदाय में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा की यह नीति अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है। इससे न केवल अग्निपथ योजना के प्रति युवाओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि देश की रक्षा में सेवा देने के बाद उनके उज्ज्वल भविष्य की भी ठोस गारंटी मिलेगी।
अगस्त 2026 से लागू होने वाली यह अग्निवीर नीति हरियाणा को सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।


