हरियाणा में विद्यार्थियों के बीच उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत पंचकूला में कुशल बिजनेस चैलेंज (केबीसी)–यूथ स्टार्ट-अप महोत्सव का राज्य स्तरीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों और स्टार्ट-अप विचारों की सराहना करते हुए राज्य स्तर पर चयनित 66 टीमों को उनके स्टार्ट-अप विकास के लिए ₹1-1 लाख की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए।
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज का विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यावसायिक दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि केबीसी जैसे कार्यक्रम युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य स्कूली स्तर से ही उद्यमशीलता की सोच विकसित करना है, ताकि भविष्य में युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
श्री महीपाल ढांडा ने कहा, “कुशल बिजनेस चैलेंज 2.0 का मूल उद्देश्य कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ उद्यमशीलता का विकास करना है। जब विद्यार्थी कम उम्र में ही व्यवसायिक योजनाएं बनाना और उन्हें धरातल पर उतारना सीखते हैं, तो यह राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक संकेत होता है।” उन्होंने बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप है, जिसमें कौशल विकास, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष बल दिया गया है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने-अपने स्टार्ट-अप आइडिया, बिजनेस मॉडल और सामाजिक समस्याओं के समाधान पर आधारित परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। इनमें कृषि, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल सेवाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय उद्योगों से जुड़े कई नवाचारी विचार शामिल थे। शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनके प्रयासों की खुले मन से सराहना की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित टीमों को केवल वित्तीय सहायता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनके स्टार्ट-अप स्थायी और सफल बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस कार्यक्रम का दायरा और विस्तृत किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।
शिखर सम्मेलन में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, मेंटर और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और नवाचार से भरा रहा। सरकार की इस पहल से यह स्पष्ट संदेश गया कि हरियाणा में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें उद्यमशील बनने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। यह महोत्सव न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बना, बल्कि राज्य में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।


