हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में राज्य सरकार की हाई-पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) और हाई-पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 16 टेंडरों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिसके बाद राज्य में विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप दिया गया। इन परियोजनाओं पर कुल ₹494.70 करोड़ की लागत आएगी, जिसमें HPPC के अंतर्गत ₹105.04 करोड़ तथा HPWPC के अंतर्गत ₹389.66 करोड़ के कार्य शामिल हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी खरीद और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का सदुपयोग सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और प्रत्येक परियोजना में लागत प्रभावशीलता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज्य सरकार ने बोली लगाने वाली कंपनियों और एजेंसियों के साथ विस्तार से बातचीत कर टेंडर प्रक्रिया को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप सरकार को कुल ₹40.62 करोड़ के सार्वजनिक धन की सीधी बचत हुई। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को सुशासन और वित्तीय अनुशासन का उदाहरण बताते हुए कहा कि पारदर्शी टेंडरिंग और कड़ी निगरानी से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है, बल्कि विकास कार्यों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
HPPC के अंतर्गत स्वीकृत प्रोजेक्ट्स में विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक उपकरणों, सेवाओं और सामग्री की खरीद शामिल है, जिससे प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ेगी। वहीं HPWPC के तहत स्वीकृत परियोजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी हैं, जिनमें सड़कों, भवनों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य विकासात्मक कार्यों का निर्माण व उन्नयन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में टेंडर प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक योग्य कंपनियां भाग ले सकें और सरकार को बेहतर दरों पर सेवाएं प्राप्त हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में ऐसे निर्णय राज्य की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेंगे।
सरकार के इस कदम से जहां एक ओर बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की बचत कर यह संदेश भी दिया गया है कि हरियाणा में सुशासन केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला परिणाम है।


