पंजाब में जीएसटी लागू होने से पहले के कर कानूनों—जैसे वैट (VAT) और केंद्रीय बिक्री कर—के तहत कारोबारियों और उद्यमियों पर सरकार का लगभग 11,968.88 करोड़ रुपये का बकाया अभी भी लंबित है। इस भारी-भरकम राशि की वसूली के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम से अपेक्षित सफलता अभी तक नहीं मिल पाई है। योजना के तहत अब तक केवल 52 करोड़ रुपये की ही रिकवरी हो सकी है, जो सरकार की उम्मीदों से काफी कम मानी जा रही है।
राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से वर्षों से लंबित कर विवादों का निपटारा करना और राज्य के राजस्व को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यदि OTS स्कीम के जरिए पर्याप्त वसूली होती है, तो इससे पंजाब की कमजोर आर्थिक स्थिति को संबल मिलेगा और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2026
सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम की समय सीमा बढ़ा दी है। पहले यह योजना 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक लागू थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम अवसर है और इसके बाद बकायेदारों के खिलाफ सख्त वसूली कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जो करदाता 31 मार्च तक इस योजना का लाभ नहीं उठाएंगे, उनके खिलाफ 1 अप्रैल 2026 से कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें कुर्की, बैंक खातों की जब्ती और अन्य कठोर कदम शामिल हो सकते हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं
वित्त विभाग के अनुसार, OTS स्कीम के तहत अब तक 6,348 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 31 दिसंबर 2025 तक 3,574 मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन इससे केवल 52 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सबसे अधिक बकाया व्यापारियों और राइस मिलरों पर है, जिनसे रिकवरी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
योजना में क्या है राहत
वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत करदाताओं को ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, ताकि वे स्वेच्छा से बकाया चुकाने के लिए आगे आएं।
1 करोड़ रुपये तक के बकाया पर: ब्याज और जुर्माने में 100% छूट, टैक्स राशि पर 50% छूट।
1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक: ब्याज और जुर्माने में 100% छूट, टैक्स पर 25% छूट।
25 करोड़ रुपये से अधिक: ब्याज और जुर्माने में 100% छूट, टैक्स पर 10% छूट।
हालांकि, यह योजना सरकारी खाद्य एजेंसियों पर लागू नहीं होगी।
वित्त मंत्री की अपील
हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारियों और उद्योगपतियों से अपील की है कि वे इस अंतिम अवसर का पूरा लाभ उठाएं और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत बिना किसी कर बकाया के करें। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा व्यापार विरोधी नहीं है, बल्कि पुराने विवादों को समाप्त कर एक नई, पारदर्शी और सहयोगात्मक कर व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
वित्त मंत्री ने यह भी दोहराया कि 31 मार्च के बाद सरकार सख्ती बरतेगी और किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। कुल मिलाकर, OTS स्कीम को पंजाब सरकार राजस्व सुधार का एक अहम माध्यम मान रही है, लेकिन इसकी सफलता अब करदाताओं की भागीदारी पर निर्भर करती है।


