पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े सरपंच जर्मल सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद न केवल प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और किसी भी सूरत में अपराधियों को बख्शा न जाए।
शादी समारोह में हमला, मौके पर मौत
पुलिस के अनुसार, जर्मल सिंह तरनतारन जिले के वलटोहा गांव के निवासी थे और वे रविवार को अमृतसर में एक निजी शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर बेहद नजदीक से गोलियां चलाईं। हमले में सरपंच के सिर में गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस हत्या को गंभीर आपराधिक घटना बताते हुए कहा कि पंजाब में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार आम लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भाजपा का हमला, सरकार पर सवाल
इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि सत्तारूढ़ दल से जुड़े जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। भाजपा ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है।
पुलिस की जांच तेज
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे की वजहों—चाहे वह आपसी रंजिश हो या कोई अन्य आपराधिक साजिश—हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर बहस तेज
अमृतसर में हुई इस हत्या ने एक बार फिर पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर सरकार सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रही है, वहीं विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं पंजाब की राजनीति में और गर्माहट ला सकती हैं।


