हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार की नीतियां केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पर भी केंद्रित हैं, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कानून बनाकर इन युवाओं के अधिकारों और सम्मानजनक भविष्य को सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठती रही थी कि कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कार्यरत युवाओं को भी नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए हैं। अब इन कर्मचारियों को नियमित कर्मियों की तरह महंगाई भत्ता (डीए) और वार्षिक इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। यदि युवाओं को रोजगार के साथ-साथ सुरक्षा और सम्मान मिले, तो वे और अधिक समर्पण और ईमानदारी से कार्य करते हैं। सरकार का यह निर्णय लाखों युवाओं के जीवन में स्थिरता लाएगा और उन्हें पूरे मान-सम्मान के साथ जीवन यापन करने का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। इन युवाओं के योगदान को देखते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि उन्हें भी वही लाभ मिलें, जो नियमित कर्मचारियों को दिए जाते हैं। यह कदम सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी कर्मचारी स्वयं को असुरक्षित महसूस न करे। कानून के माध्यम से दी गई यह सुरक्षा युवाओं के मनोबल को बढ़ाएगी और कार्य संस्कृति को और बेहतर बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस फैसले से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार लगातार रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम युवाओं को पारदर्शी और योग्यता आधारित रोजगार उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम बना है। अब इससे जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलना सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।
इस फैसले का स्वागत करते हुए विभिन्न कर्मचारी संगठनों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि महंगाई भत्ता और वार्षिक इंक्रीमेंट मिलने से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि भविष्य को लेकर अनिश्चितता भी समाप्त होगी। इससे वे अपने परिवारों की बेहतर देखभाल कर सकेंगे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय हरियाणा के युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, जो राज्य में सामाजिक सुरक्षा और रोजगार नीति को नई मजबूती प्रदान करेगा।


