हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योगपति अपने उद्यमशील दृष्टिकोण और नवाचार के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2029 तक भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के विजन को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में ओएसडी तरूण भंडारी के नेतृत्व में आए पंजाब के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी बी.बी. भारती भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) का है और इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ईवी पार्क विकसित करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी से जुड़ी एक बड़ी औद्योगिक इकाई स्थापित की जा चुकी है, जिससे प्रदेश में हरित औद्योगिक विकास को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ जैसे अभियानों ने देश में स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया है और इसका प्रत्यक्ष लाभ उद्योग जगत को मिला है। उद्योगपतियों के सहयोग से ही भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जबकि लक्ष्य पांचवीं अर्थव्यवस्था बनने का था।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की एमएसई-सीडीपी योजना के साथ-साथ हरियाणा में मिनी क्लस्टर विकास योजना भी चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत 48 एमएसएमई क्लस्टरों में लगभग 170 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं, जिससे 8 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयों को लाभ मिला है।
उन्होंने जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उद्योगपतियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। करीब 5000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश में से 2000 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है, जबकि शेष निवेश के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से तय समय सीमा में सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कर रही है। साथ ही, औद्योगिक विकास से प्राप्त राजस्व को उद्योगों से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में ही खर्च किया जाएगा।
बैठक के दौरान जोगिंद्र सिंह हांडा, सौरभ मेहता, ए.के. गर्ग, राहुल गर्ग, प्रवीण कांसल, पंकज कपूर, गुरदीप सिंह सहित कई उद्योगपतियों ने अपने सुझाव रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।


