नारी शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता की महान प्रतीक सावित्रीबाई फुले जी की जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें कोटि-कोटि नमन किया गया। इस पावन अवसर पर उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में शिक्षा की ज्योति प्रज्वलित की, जब समाज में महिलाओं और वंचित वर्गों को शिक्षा से वंचित रखा जाता था। उन्होंने नारी शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाते हुए समानता, आत्मसम्मान और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया।
उनका जीवन साहस, समर्पण और सामाजिक चेतना की मिसाल है। नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार की दिशा में उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देते हैं।
माता सावित्रीबाई फुले का संघर्ष और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा तथा शिक्षा और समानता के मूल्यों को सुदृढ़ करता रहेगा।
माता सावित्री बाई फुले जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
नारी शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के लिए उनका संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। pic.twitter.com/fspFhcvsHa
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) January 3, 2026


