Guru Gobind Singh जी महाराज, सरबंस दानी दशम पातशाह, ने सत्य, इंसाफ़ और धर्म की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके जीवन और बलिदान ने मानवता को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का अमर संदेश दिया।
गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए, उनके छोटे साहिबज़ादों—Baba Zorawar Singh और Baba Fateh Singh—ने अपने वडेरों की शहादतों के संकल्प को पूर्ण करते हुए पवित्र पौह महीने की कड़ाके की ठंड में अद्भुत साहस और दृढ़ता का परिचय दिया। उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए हँसते-हँसते शहादत स्वीकार कर इतिहास में अमिट उदाहरण स्थापित किया।
संदेश में कहा गया कि छोटी-सी आयु में दी गई इन महान शहादतों ने पूरी मानवता को सत्य, साहस और आत्मबलिदान का पाठ पढ़ाया है। यह केवल श्रद्धांजलि का क्षण नहीं, बल्कि उन आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर भी है।
आइए, हम सभी उन नन्हीं जिंदगियों की अमर शहादत को नमन करें और सत्य व साहस के उस संदेश पर दृढ़ता से अमल करने का प्रण लें, जो उन्होंने अपने सर्वोच्च बलिदान से संसार को दिया।
ਸਰਬੰਸ ਦਾਨੀ ਦਸਮ ਪਿਤਾ ਸਾਹਿਬ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਮਹਾਰਾਜ ਨੇ ਸੱਚ, ਇਨਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਧਰਮ ਦੇ ਯੁੱਧ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਪੂਰਾ ਸਰਬੰਸ ਵਾਰ ਦਿੱਤਾ। ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਕੁਰਬਾਨੀਆਂ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਵਡੇਰਿਆਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਹੀਦੀਆਂ ਦੇ ਕੌਲ ਨੂੰ ਪੂਰਦੇ ਹੋਏ ਛੋਟੇ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਿਆਂ ਨੇ ਪੋਹ ਦੀ ਠੰਡ ਵਿੱਚ ਬਹਾਦਰੀ ਅਤੇ ਸਾਹਸ ਦੀ ਮਿਸਾਲ ਦਿੰਦਿਆਂ… pic.twitter.com/uD35p4Rmud
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) January 1, 2026


