चंडीगढ़। भारत में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन में हरियाणा ने स्वयं को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर लिया है। सजा दर में सुधार, फॉरेंसिक अनुपालन और जांच की समय-सीमा को लेकर राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जो न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग Sumit Misra ने कहा कि राज्य सरकार नए आपराधिक कानूनों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी सुधार रोडमैप पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक साक्ष्यों के अनिवार्य उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट, डीएनए फॉरेंसिक और साइबर फॉरेंसिक क्षमताओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में बड़े स्तर पर भर्ती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था और अपराध जांच दोनों में दक्षता बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही जेल अवसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे सुधारात्मक व्यवस्था को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाया जा सके।
डॉ. सुमित मिश्रा के अनुसार, इन सुधारों का उद्देश्य केवल सख्त कानून लागू करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना और जनता का न्याय प्रणाली पर भरोसा और मजबूत करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा द्वारा अपनाया गया यह मॉडल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मार्गदर्शक साबित होगा।


