चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा है कि वर्ष 2025 राज्य के लिए सिंचाई विस्तार और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक निर्णायक वर्ष साबित हुआ है। निरंतर सार्वजनिक निवेश और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के चलते जल संसाधन क्षेत्र में ठोस और दूरगामी परिणाम देखने को मिले हैं।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने किसान-केंद्रित नीति अपनाई। इस नीति का मुख्य फोकस नहरों की कार्यक्षमता बढ़ाने, अंतिम छोर तक पानी की समान आपूर्ति सुनिश्चित करने और भूजल पुनर्भरण को मजबूत करने पर रहा, ताकि वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड वित्तीय आवंटन के साथ-साथ वर्षों से उपेक्षित पड़ी सिंचाई और जल संरचनाओं का पुनरुद्धार किया गया। इसके परिणामस्वरूप राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जल उपलब्धता अधिक संतुलित हुई है। खासतौर पर सूखा प्रभावित और जलभराव वाले इलाकों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य में जल प्रबंधन को टिकाऊ, समान और भविष्य उन्मुख बनाना है। इन प्रयासों से न केवल कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी, बल्कि जल संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜਲ ਸਰੋਤ ਮੰਤਰੀ ਬਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 2025 ਦਾ ਸਾਲ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੇ ਵਿਸਥਾਰ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਸਬੰਧੀ ਨਿਰਣਾਇਕ ਦੌਰ ਰਿਹਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮੌਜੂਦਾ ਅਤੇ ਭਵਿੱਖੀ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸੂਬੇ ਦੇ ਦੂਰ-ਦਰਾਡੇ ਦੇ… pic.twitter.com/Vxk6EtRvSQ
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) December 30, 2025


