भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना सुबनसिरी लोअर जल विद्युत परियोजना की 250 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई के वाणिज्यिक संचालन (COD) का आज वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया गया। यह उपलब्धि देश के जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
असम–अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर स्थापित 2,000 मेगावाट क्षमता की इस विशाल परियोजना के पूर्ण रूप से क्रियान्वित होने पर हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में विद्युत उपलब्धता बढ़ेगी और ऊर्जा सुरक्षा को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक, वाणिज्यिक और घरेलू उपभोक्ताओं को स्थिर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उत्तर-पूर्वी राज्यों के आर्थिक विकास और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।
सुबनसिरी लोअर जल विद्युत परियोजना को भारत के जलविद्युत विकास की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह परियोजना देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगी और आत्मनिर्भर एवं स्वच्छ ऊर्जा भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगी।
भारत के जलविद्युत क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि!
भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना ‘सुबनसिरी लोअर जल विद्युत परियोजना’ की 250 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई के वाणिज्यिक संचालन (COD) का आज वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया गया।
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— Manohar Lal (@mlkhattar) December 23, 2025


