यमुनानगर। Yamunanagar स्थित भंभौली गुरुद्वारा साहिब में Guru Tegh Bahadur जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित शहीदी समागम में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस पावन अवसर पर मानवता, धर्म और सत्य की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाली उस महान विरासत को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया, जिसने भारत की अस्मिता को अक्षुण्ण रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
यह शहीदी समागम श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के साथ-साथ Mata Gujri Kaur जी एवं चारों वीर साहिबज़ादों की अमर शहादत को समर्पित रहा। गुरुवाणी के पावन कीर्तन, अरदास और सेवा भाव से ओतप्रोत इस आयोजन ने साध-संगत के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भी त्याग, साहस और मानवता की सेवा का संदेश दिया।
समागम में वक्ताओं ने कहा कि सरबंसदानी Guru Gobind Singh जी के परिवार का बलिदान विश्व इतिहास में अद्वितीय मिसाल है। धर्म और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए दिया गया यह सर्वोच्च बलिदान आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है।
वीर साहिबज़ादों की शहादत को सम्मान देते हुए माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय का भी इस अवसर पर स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल देश की युवा पीढ़ी को साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
शहीदी समागम के समापन पर यह संकल्प व्यक्त किया गया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी, माता गुजरी कौर जी और वीर साहिबज़ादों की अमर शहादत आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति, सत्य और धर्म की रक्षा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।
यमुनानगर स्थित भंभौली गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित शहीदी समागम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आज यहाँ उस महान विरासत को नमन करने का सौभाग्य मिला, जिसने भारत की अस्मिता की रक्षा के लिए मानवता, धर्म और सत्य के मार्ग पर… pic.twitter.com/MokY3AUYHJ
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 21, 2025


