नई दिल्ली। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। इस मौके पर ध्यान की उस प्राचीन परंपरा को स्मरण किया गया, जो भारत की अमूल्य धरोहर है और आज अपनी प्रभावशीलता के कारण पूरे विश्व में पहचान बना चुकी है। ध्यान न केवल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि वैश्विक शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने का भी सशक्त माध्यम बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, चिंता और असंतुलन से मुक्ति पाने के लिए ध्यान अत्यंत उपयोगी है। नियमित ध्यान अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक शांति मिलती है और सकारात्मक सोच विकसित होती है। यही कारण है कि आज ध्यान को स्वास्थ्य और कल्याण से जोड़कर विश्वभर में अपनाया जा रहा है।
इस अवसर पर यह भी अपील की गई कि ध्यान के महत्व और लाभों के प्रति अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि समाज में संतुलित, शांत और सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके।
विश्व ध्यान दिवस पर सभी से आह्वान किया गया कि वे ध्यान को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करते हुए एक स्वस्थ, शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण विश्व की दिशा में योगदान दें।
विश्व ध्यान दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ!
ध्यान की परंपरा भारत की अमूल्य धरोहर है, जो आज पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुकी है और वैश्विक शांति तथा सद्भाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है।
आधुनिक युग में तनावमुक्त जीवन के लिए हम सभी को ध्यान को अपनाना चाहिए और इसके महत्व व लाभों… pic.twitter.com/6bAA9JVCOB
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 21, 2025


