पराक्रमी वीर योद्धा एवं सैनी समाज के महान प्रवर्तक Maharaja Shoor Saini जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन अर्पित किए गए। यह दिवस उनके शौर्य, त्याग और धर्मपरायण जीवन मूल्यों को स्मरण करने का अवसर है।
महाराजा शूर सैनी जी, भगवान श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न जी के पौत्र माने जाते हैं। वे केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि महान धार्मिक और आध्यात्मिक विभूति भी थे। उन्होंने अपने जीवन में सत्य, अहिंसा और धर्म की उच्च परंपराओं को न केवल अपनाया, बल्कि समाज में उन्हें दृढ़ता से स्थापित भी किया।
इतिहासकारों और समाज के प्रबुद्धजनों के अनुसार महाराजा शूर सैनी जी का योगदान सामाजिक समरसता, न्याय और नैतिक मूल्यों की स्थापना में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनके आदर्श आज भी सैनी समाज ही नहीं, बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
महाराजा शूर सैनी जयंती के अवसर पर उनके आदर्शों को आत्मसात करने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया गया।
पराक्रमी वीर योद्धा एवं सैनी समाज के महान प्रवर्तक महाराजा शूर सैनी जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
भगवान श्रीराम जी के अनुज शत्रुघ्न जी के पौत्र, महाराजा शूर सैनी जी एक महान धार्मिक एवं आध्यात्मिक विभूति थे, जिन्होंने सत्य, अहिंसा और धर्म की उच्च परंपराओं को सुदृढ़ रूप से… pic.twitter.com/nXQ9zWMxlX
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 20, 2025


