चंडीगढ़। भारतीय संविधान के मूल्यों और आदर्शों को समर्पित भावपूर्ण पंक्तियों के माध्यम से समान अधिकार, न्याय और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया गया। यह संदेश संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को प्रदत्त अधिकारों, स्वतंत्रताओं और समानता के भाव को उजागर करता है।
इन पंक्तियों में यह भाव निहित है कि संविधान सभी नागरिकों को एक समान अधिकार देता है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है, चाहे उनका वर्ग, जाति, धर्म या पृष्ठभूमि कुछ भी हो। यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा को प्रतिबिंबित करता है, जहां कानून के समक्ष सभी समान हैं।
संविधान के प्रति नमन व्यक्त करते हुए यह संदेश राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। संविधान न केवल शासन का आधार है, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का मार्गदर्शक भी है।
यह अवसर नागरिकों को प्रेरित करता है कि वे संविधान की मर्यादाओं का पालन करें, उसके मूल्यों को अपने आचरण में उतारें और एक सशक्त, समावेशी एवं लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
देवैं अधिकार, करैं सुरक्षा,
सब जन सै एक समान…
नमन करूँ शीश नवा कै,
अपणा पावन संविधान… pic.twitter.com/Rcvlz0fKQj— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 18, 2025


