हर वर्ष 18 दिसंबर को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य प्रवासियों द्वारा अपने मेज़बान देशों और मूल देशों की अर्थव्यवस्थाओं, समाज और संस्कृति में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को पहचान देना तथा उनके अधिकारों के प्रति समान सम्मान और संरक्षण को बढ़ावा देना है।
प्रवासी श्रमिक विश्व अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। वे निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी मेहनत और कौशल से विकास को गति देते हैं। इसके साथ ही, वे अपने मूल देशों को प्रेषित धन (रेमिटेंस) के माध्यम से वहां की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बनाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिवस प्रवासियों के सामने आने वाली चुनौतियों—जैसे भेदभाव, शोषण, असुरक्षित कार्य परिस्थितियां और सामाजिक असमानता—की ओर भी वैश्विक ध्यान आकर्षित करता है। इसका मुख्य संदेश है कि प्रवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस यह स्मरण कराता है कि समावेशी समाज, आपसी समझ और मानवीय गरिमा के बिना सतत विकास संभव नहीं है। प्रवासियों का सम्मान और सशक्तिकरण न केवल उनके लिए, बल्कि समूचे विश्व समुदाय के लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है।
International Migrants Day is observed annually on 18th December worldwide to recognize the contributions made by migrants to the economies of both their host and home countries, and to promote equal respect and protection of their rights.#InternationalMigrantsDay… pic.twitter.com/dzx3UGGLKT
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) December 18, 2025


