हरियाणा सरकार एनसीआर क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन और सतत विकास को लेकर गंभीर और सक्रिय कदम उठा रही है। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वायु गुणवत्ता सुधार, हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को नई गति देने के लिए सरकार बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि विश्व बैंक द्वारा वर्ष 2030 तक लगभग ₹3000 करोड़ के वित्तीय सहयोग का प्रस्ताव दिया गया है। इस सहयोग के पहले चरण में 2026 तक ₹1000 करोड़ की सहायता शामिल है, जिसका उपयोग पर्यावरण सुधार से जुड़ी प्राथमिक परियोजनाओं में किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित सहायता के अंतर्गत एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरित पट्टियों का विकास, शहरी वानिकी, जैव-विविधता संरक्षण और जलवायु अनुकूलन से संबंधित कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। साथ ही, आधुनिक तकनीक और डेटा-आधारित समाधानों के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य केवल प्रदूषण कम करना ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।
सरकार का मानना है कि विश्व बैंक के सहयोग से एनसीआर क्षेत्र में चल रही पर्यावरणीय पहलों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और संसाधनों का लाभ मिलेगा, जिससे हरियाणा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभर सकेगा।


