राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज राज्यभर में किसान-रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को कार्यप्रणाली, तकनीकी आवश्यकताओं और जमीनी स्तर पर किए जाने वाले उपायों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि:
“1 जनवरी 2026 से किसान-रजिस्ट्री और 1 फरवरी 2026 से डिजिटल क्रॉप सर्वे हरियाणा के एग्रीस्टैक विज़न को नई दिशा देंगे।”
उन्होंने बताया कि ये दोनों पहलें किसानों के लिए पारदर्शी, सटीक और तकनीक-आधारित कृषि ढांचा तैयार करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल आकलन, बीमा, सहायता योजनाओं और कृषि नीति-निर्माण को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलों से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया गया तथा निर्देश दिए गए कि सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जाएं, ताकि निर्धारित तारीखों से योजना सफलतापूर्वक लागू हो सके।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ @sumitamisra ने किसान-रजिस्ट्री व डिजिटल क्रॉप सर्वे की राज्यभर की तैयारियों की समीक्षा की।
“1 जनवरी 2026 से किसान-रजिस्ट्री और 1 फरवरी 2026 से डिजिटल क्रॉप सर्वे हरियाणा के एग्रीस्टैक विज़न को नई दिशा देंगे,” डॉ मिश्रा.#Haryana pic.twitter.com/epxht9Q5LI
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 12, 2025


