भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान दिग्गज, विश्वप्रसिद्ध सितार वादक और ‘भारत रत्न’ से सम्मानित पंडित रवि शंकर जी की पुण्यतिथि पर आज देश-विदेश में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संगीत की दुनिया में उनके अद्वितीय योगदान को सदैव आदर और गर्व के साथ स्मरण किया जाता है।
पंडित रवि शंकर ने अपने स्वर, साधना और संवेदना से भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंचों पर नई पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों ने पूर्व और पश्चिमी संगीत संस्कृतियों के बीच एक अद्वितीय सेतु का निर्माण किया। विश्वभर के दर्शक और संगीत प्रेमी आज भी उनके सुरों और बंदिशों को भावपूर्वक याद करते हैं।
उनकी पुण्यतिथि पर संगीत संस्थानों, कला संगठनों और विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्वानों और कलाकारों ने कहा कि पंडित रवि शंकर का योगदान केवल संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय कला-संस्कृति को दुनिया के सामने एक नई गरिमा और ऊँचाई प्रदान की।
पंडित रवि शंकर जी की साधना, अनुशासन और संगीत के प्रति उनकी अथक निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। राष्ट्र उनके अविस्मरणीय योगदान को आज श्रद्धा से नमन करता है।
महान सितार वादक एवं संगीतज्ञ, ‘भारत रत्न’ पंडित रवि शंकर जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पटल पर लोकप्रियता के नए आयाम गढ़ने में आपके अतुलनीय योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। pic.twitter.com/9vvAyOZGj7
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 11, 2025


