नई दिल्ली। आज नई दिल्ली से THDC इंडिया लिमिटेड (THDCIL) की भारत की पहली वेरिएबल स्पीड 1000 मेगावाट टिहरी पंप्ड स्टोरेज परियोजना की तीसरी इकाई (250 मेगावाट) के वाणिज्यिक परिचालन (COD) प्रक्रिया का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। यह उपलब्धि देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
इस अवसर पर कहा गया कि यह परियोजना मात्र एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक साहसिक और निर्णायक कदम है। टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट से न केवल देश की ग्रिड स्थिरता को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह लचीले और स्वच्छ ऊर्जा भंडारण समाधान उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग और मांग-आपूर्ति संतुलन में सहायक होती हैं। टिहरी परियोजना के पूर्ण रूप से क्रियाशील होने से भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य और मजबूत होंगे।
Virtually inaugurated @THDCIL_MOP's successful commencement of the COD process of the 3rd Unit (250 MW) of India’s first Variable Speed, the 1000 MW Tehri Pumped Storage Plant in New Delhi today.
This is not just a technological achievement by THDCIL, but a bold stride towards… pic.twitter.com/npioyD3ufw
— Manohar Lal (@mlkhattar) December 9, 2025


