1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हरियाणा के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने वाले हरियाणा के ‘राज नायक’ राव तुलाराम जी को उनकी जयंती के अवसर पर देशवासियों ने कोटि-कोटि नमन किया।
राव तुलाराम जी ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध वीरतापूर्ण संघर्ष करते हुए अपने अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने रेवाड़ी सहित आस-पास के क्षेत्रों में अंग्रेजों की सत्ता को चुनौती देते हुए स्वशासन की स्थापना की और 1857 के महासंग्राम में हरियाणा की भूमिका को ऐतिहासिक बना दिया।
माँ भारती की रक्षा के लिए उनका बलिदान और अविस्मरणीय योगदान आज भी युवाओं और देशवासियों को राष्ट्रसेवा के मार्ग पर प्रेरित करता है। राव तुलाराम जी का जीवन साहस, त्याग और स्वाभिमान का प्रतीक है, जो सदैव भारत के स्वतंत्रता संघर्ष की स्वर्णिम गाथा में अमिट रहेगा।
1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हरियाणा के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने वाले हरियाणा के ‘राज नायक’ राव तुलाराम जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
माँ भारती की रक्षा के लिए उनका अदम्य साहस और अविस्मरणीय योगदान सदैव हमें राष्ट्रसेवा के मार्ग पर… pic.twitter.com/Gxx078oufE
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 9, 2025


