चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने प्रदेश के पांच जिलों—पलवल, रेवाड़ी, सोनीपत, झज्जर और बावल—में प्रस्तावित लेबर कोर्ट को शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लेबर कोर्ट की स्थापना से श्रमिकों से जुड़े मामलों का निपटान तेज गति से होगा और न्याय लोगों तक समय पर पहुँच सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने स्पष्ट कहा, “लेबर कोर्ट से लाखों श्रमिकों को समयबद्ध न्याय मिलेगा।”
सरकार का मानना है कि इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ श्रमिकों से जुड़े विवादों और मामलों में भी वृद्धि हुई है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर लेबर कोर्ट की उपलब्धता से श्रमिकों और उद्योगों दोनों को राहत मिलेगी और न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ेगी।
राज्य सरकार श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने और उद्योग–श्रमिक संबंधों को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
इस निर्णय से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और श्रमिक कल्याण के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत होगी।
श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला!
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने 5 जिलों (पलवल, रेवाड़ी, सोनीपत, झज्जर और बावल) में प्रस्तावित लेबर कोर्ट को शीघ्र स्थापित करने का निर्देश दिया।
"लेबर कोर्ट से लाखों श्रमिकों को समयबद्ध न्याय मिलेगा।"- सीएम#Haryana #LabourCourt pic.twitter.com/NJQKV5lHHE
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 5, 2025


