अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव अपने चरम पर है और आज अंतिम दिन ब्रह्मसरोवर पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने यहां पहुंचकर यादगार लम्हों को आत्मसात किया और पवित्र सरोवर के किनारे आयोजित विविध कार्यक्रमों का आनंद लिया।
अंतिम दिन सरस एवं शिल्प मेले में खरीदारी का खास उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों, हस्तशिल्प, हस्तकरघा वस्तुओं और स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही।
महोत्सव स्थल पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी पर्यटकों का मन मोह लिया। लोकनृत्य, संगीत और कला प्रस्तुतियों ने हर उम्र के लोगों को आकर्षित किया और वातावरण को उल्लास से भर दिया।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतिम दिन की रौनक ने एक बार फिर साबित किया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।
इस तरह महोत्सव ने लोगों के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ते हुए शानदार समापन की ओर कदम बढ़ाया।


