मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने आज महान कवि, प्रख्यात विद्वान और पंजाबी साहित्य के अग्रदूत भाई वीर सिंह जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।
भाई वीर सिंह, जिन्हें पंजाबी साहित्य के “पुनर्जागरण का जनक” कहा जाता है, ने कविता, गद्य, समालोचना और आध्यात्मिक साहित्य के माध्यम से पंजाबी भाषा और संस्कृति को नई पहचान दिलाई। उनकी साहित्यिक रचनाओं ने न केवल भाषा को समृद्ध किया, बल्कि समाज को नैतिकता, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का कार्य भी किया।
पंजाब सरकार ने इस अवसर पर कहा कि भाई वीर सिंह की साहित्यिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी। उनके विचार, मानवीय संवेदनाएं और साहित्य सेवा का योगदान पंजाबी विरासत का अमूल्य हिस्सा है।
सरकार ने यह भी बताया कि राज्य में साहित्य, भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उनकी स्मृति में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि युवा पीढ़ी को उनकी शिक्षाओं और विचारों से परिचित कराया जा सके।
भाई वीर सिंह की जयंती पर पूरे पंजाब में साहित्यप्रेमियों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक संस्थानों द्वारा उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਮਹਾਨ ਕਵੀ, ਉੱਘੇ ਵਿਦਵਾਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ ਦੇ ਮੋਢੀ ਭਾਈ ਵੀਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜੇ ਮੌਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸਤਿਕਾਰ ਸਹਿਤ ਯਾਦ ਕਰਦੀ ਹੈ।#BhaiVirSinghJi#ਭਾਈ_ਵੀਰ_ਸਿੰਘ_ਜੀ#GovernmentOfPunjab#ਪੰਜਾਬ_ਸਰਕਾਰ pic.twitter.com/tN7agbctCO
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) December 5, 2025


